Rasa in Hindi (Aesthetics) ( रस )
Aesthetics रस – काव्य को पढ़ते या सुनते समय हमें जिस आनन्द की अनुभूति होती है ,उसे ही रस कहा जाता है ! रसों की संख्या नौ मानी गई हैं ! रस का नाम स्थायीभाव 1- श्रृंगार … Read more
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Aesthetics रस – काव्य को पढ़ते या सुनते समय हमें जिस आनन्द की अनुभूति होती है ,उसे ही रस कहा जाता है ! रसों की संख्या नौ मानी गई हैं ! रस का नाम स्थायीभाव 1- श्रृंगार … Read more
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अनेकार्थी शब्द – अरुण – लाल ,सूर्य का सारथि ,सूर्य अज – दशरथ के पिता ,बकरा ,ब्रह्मा अर्णव – समुंद्र ,सूर्य ,इंद्र आम – आम का फल ,सर्वसाधारण इंद्र – राजा ,देवताओं का राजा इंदु – चन्द्रमा ,कपूर उमा – पार्वती ,दुर्गा ,हल्दी उत्तर – जवाब ,एक दिशा काल – … Read more
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घोष और अघोष :- ध्वनि की दृष्टि से जिन व्यंजन वर्णों के उच्चारण में स्वरतन्त्रियाँ झंकृत होती है , उन्हें ‘ घोष ‘ कहते है और जिनमें स्वरतन्त्रियाँ झंकृत नहीं होती उन्हें ‘ अघोष ‘ व्यंजन कहते हैं ! ये घोष – अघोष व्यंजन इस प्रकार हैं – घोष … Read more
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अल्पप्राण और महाप्राण :- जिन वर्णों के उच्चारण में मुख से कम श्वास निकले उन्हें ‘अल्पप्राण ‘ कहते हैं ! और जिनके उच्चारण में अधिक श्वास निकले उन्हें ‘ महाप्राण ‘कहते हैं! ये वर्ण इस प्रकार है – अल्पप्राण महाप्राण क , … Read more
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वाक्य अशुद्धि शोधन = सार्थक एवं पूर्ण विचार व्यक्त करने वाले शब्द समूह को वाक्य कहा जाता है ! प्रत्येक भाषा का मूल ढांचा वाक्यों पर ही आधारित होता है ! इसलिए यह अनिवार्य है कि वाक्य रचना में पद -क्रम और अन्वय का विशेष ध्यान रखा जाए ! इनके प्रति सावधान न रहने से वाक्य … Read more
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उच्चारणगत अशुद्धियाँ = बोलने और लिखने में होने वाली अशुद्धियाँ प्राय: दो प्रकार की होती हैं – व्याकरण सम्बन्धी तथा उच्चारण सम्बन्धी , यहाँ हम उच्चारण एवं वर्तनी सम्बन्धी महत्वपूर्ण त्रुटियों की ओर संकेत करंगे , ये अशुद्धियाँ स्वर एवं व्यंजन और विसर्ग तीनों वर्गों से सम्बन्धित होती हैं , व्यंजन सम्बन्धी त्रुटियाँ वर्तनी के अन्तर्गत आ गई … Read more
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श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द :- ये शब्द चार शब्दों से मिलकर बना है ,श्रुति+सम +भिन्न +अर्थ , इसका अर्थ है . सुनने में समान लगने वाले किन्तु भिन्न अर्थ वाले दो शब्द अर्थात वे शब्द जो सुनने और उच्चारण करने में समान प्रतीत हों, किन्तु उनके अर्थ भिन्न -भिन्न हों , वे श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं . ऐसे शब्द सुनने या उच्चारण करने … Read more
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छंद (Chhand) छंद – अक्षरों की संख्या एवं क्रम ,मात्रा गणना तथा यति -गति के सम्बद्ध विशिष्ट नियमों से नियोजित पघरचना ‘ छंद ‘ कहलाती है ! छंद के अंग इस प्रकार है – 1 . चरण – छंद में प्राय: चार चरण होते हैं ! पहले और तीसरे चरण को विषम चरण … Read more
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Paksh – पक्ष : क्रिया के जिस रूप से क्रिया प्रक्रिया अर्थात क्रिया व्यापार का बोध होता है ,उसे क्रिया का पक्ष कहते हैं ! यह क्रिया- व्यापार दो दृष्टियों से देखा जा सकता है ! पहली दृष्टि से हम देखते हैं कि क्रिया की प्रक्रिया आरंभ होने वाली है अथवा आरंभ हो चुकी है ,अथवा वर्तमान … Read more
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Anviti in Hindi अन्विति : जब वाक्य के संज्ञा पद के लिंग, वचन, पुरुष, कारक के अनुसार किसी दूसरे पद में समान परिवर्तन हो जाता है तो उसे अन्विति कहते हैं। अन्विति का प्रयोग निम्नलिखित प्रकार से होता है:- (क) कर्तरि प्रयोग:- जिस में क्रिया के पुरुष, लिंग और वचन कर्ता के अनुसार होते हैं, क्रिया … Read more
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