Hindi Sounds (हिंदी ध्वनियाँ)
हिंदी ध्वनियाँ:- हिंदी की देवनागरी लिपि में कुल 52 वर्ण हैं। यह वर्णमाला इस प्रकार है: स्वर :- अ , आ , इ , ई , उ , ऊ , ऋ , ए , ऐ , ओ , औ ( कुल = 11) अनुस्वार:- अं (कुल = 1) विसर्ग:- अ: ( : ) (कुल = 1) … Read more
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हिंदी ध्वनियाँ:- हिंदी की देवनागरी लिपि में कुल 52 वर्ण हैं। यह वर्णमाला इस प्रकार है: स्वर :- अ , आ , इ , ई , उ , ऊ , ऋ , ए , ऐ , ओ , औ ( कुल = 11) अनुस्वार:- अं (कुल = 1) विसर्ग:- अ: ( : ) (कुल = 1) … Read more
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शब्द :- भाषा की न्यूनतम इकाई वाक्य है और वाक्य की न्यूनतम इकाई शब्द है . शब्द समूह :- प्रत्येक भाषा का अपना शब्द समूह होता है। इन शब्दों का प्रयोग भाषा के बोलने एवं लिखने में किया जाता है। सामान्यत: किसी भी भाषा के चार प्रकार के शब्द होते हैं: 1. तत्सम शब्द:- हिंदी … Read more
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पदबंध – जब एक से अधिक पद मिलकर एक व्याकरणिक इकाई का काम करते हैं , तब उस बंधी हुई इकाई को पदबंध कहते हैं ! जैसे – सबसे तेज दौड़ने वाला घोड़ा जीत गया ! पदबंध के पाँच भेद होते हैं – 1- संज्ञा पदबंध – जब एक से अधिक पद मिलकर संज्ञा का काम करें ,तो उस पदबंध को संज्ञा पदबंध कहते हैं ! … Read more
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प्रत्यय – प्रत्यय वह शब्दांश है , जिसका स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता और जो किसी शब्द के पीछे लगकर उसके अर्थ में विशिष्टता या परिवर्तन ला देते है ! शब्दों के पश्चात जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है उसे प्रत्यय कहते है ! 1- कृत प्रत्यय – 1. अन – मनन , चलन 2. … Read more
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उपसर्ग – वे शब्दांश है जो किसी शब्द से पूर्व लगकर उस शब्द का अर्थ बदल देते है उन्हें उपसर्ग कहते हैं ! जैसे – 1- संस्कृत उपसर्ग – ( उपसर्ग ) ( उपसर्ग से निर्मित शब्द ) 1. अति … Read more
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काल – क्रिया के करने या होने के समय को काल कहते हैं काल के तीन भेद हैं – 1- भूतकाल – ‘ भूत का अर्थ है – बीता हुआ । क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया का व्यापार पहले समाप्त हो चुका है , वह भूतकाल कहलाता है ; जैसे – … Read more
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अलंकार – ” काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व अलंकार कहे जाते हैं ! “ अलंकार के तीन भेद हैं – 1. शब्दालंकार – ये शब्द पर आधारित होते हैं ! प्रमुख शब्दालंकार हैं – अनुप्रास , यमक , शलेष , पुनरुक्ति , वक्रोक्ति आदि ! 2. अर्थालंकार – ये अर्थ पर आधारित होते हैं … Read more
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समास – दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से नए शब्द बनाने की क्रिया को समास कहते हैं ! सामासिक पद को विखण्डित करने की क्रिया को विग्रह कहते हैं ! समास के छ: भेद हैं – 1- अव्ययीभाव समास – जिस समास में पहला पद प्रधान होता है तथा समस्त पद … Read more
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धातु – क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं !जैसे – पढ़ , लिख , आ ,खा , जा , सो , हंस ! ‘पढ़‘ धातु से अनेक क्रिया रूप बनते हैं ! जैसे – पढ़ा , पढ़ता है , पढ़ना , पढ़ा था , पढ़िए ! इनमें पढ़ एक ऐसा अंश है , जो सभी रूपों में मिल … Read more
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संधि :- दो पदों में संयोजन होने पर जब दो वर्ण पास -पास आते हैं , तब उनमें जो विकार सहित मेल होता है , उसे संधि कहते हैं ! संधि तीन प्रकार की होती हैं :- 1. स्वर संधि – दो स्वरों के पास -पास आने पर उनमें जो रूपान्तरण होता है , उसे स्वर कहते … Read more
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